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सहीह बुख़ारी

नंबर 331

नंबर 331किताब 6, नंबर 35
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، عَنْ زُهَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أَقْبَلَتِ الْحَيْضَةُ فَدَعِي الصَّلاَةَ، وَإِذَا أَدْبَرَتْ فَاغْسِلِي عَنْكِ الدَّمَ وَصَلِّي ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:The Prophet (ﷺ) said to me, "Give up the prayer when your menses begin and when it has finished, wash the blood off your body (take a bath) and start praying

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Menstrual Periods

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।