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सहीह बुख़ारी

नंबर 325

नंबर 325किताब 6, नंबर 30
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ أَبِي رَجَاءٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، قَالَ سَمِعْتُ هِشَامَ بْنَ عُرْوَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي، عَنْ عَائِشَةَ،‏.‏ أَنَّ فَاطِمَةَ بِنْتَ أَبِي حُبَيْشٍ، سَأَلَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ إِنِّي أُسْتَحَاضُ فَلاَ أَطْهُرُ، أَفَأَدَعُ الصَّلاَةَ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ، إِنَّ ذَلِكِ عِرْقٌ، وَلَكِنْ دَعِي الصَّلاَةَ قَدْرَ الأَيَّامِ الَّتِي كُنْتِ تَحِيضِينَ فِيهَا، ثُمَّ اغْتَسِلِي وَصَلِّي ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:Fatima bint Abi Hubaish asked the Prophet, "I got persistent bleeding (in between the periods) and do not become clean. Shall I give up prayers?" He replied, "No, this is from a blood vessel. Give up the prayers only for the days on which you usually get the menses and then take a bath and offer your prayers

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Menstrual Periods

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।