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सहीह बुख़ारी

नंबर 315

नंबर 315किताब 6, नंबर 20
حَدَّثَنَا مُسْلِمٌ، قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا مَنْصُورٌ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ امْرَأَةً، مِنَ الأَنْصَارِ قَالَتْ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم كَيْفَ أَغْتَسِلُ مِنَ الْمَحِيضِ قَالَ ‏"‏ خُذِي فِرْصَةً مُمَسَّكَةً، فَتَوَضَّئِي ثَلاَثًا ‏"‏‏.‏ ثُمَّ إِنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اسْتَحْيَا فَأَعْرَضَ بِوَجْهِهِ أَوْ قَالَ ‏"‏ تَوَضَّئِي بِهَا ‏"‏ فَأَخَذْتُهَا فَجَذَبْتُهَا فَأَخْبَرْتُهَا بِمَا يُرِيدُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated `Aisha:An Ansari woman asked the Prophet (ﷺ) how to take a bath after finishing from the menses. He replied, "Take a piece of cloth perfumed with musk and clean the private parts with it thrice." The Prophet (ﷺ) felt shy and turned his face. So I pulled her to me and told her what the Prophet (ﷺ) meant

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Menstrual Periods

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।