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सहीह बुख़ारी

नंबर 303

नंबर 303किताब 6, नंबर 8
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، قَالَ حَدَّثَنَا الشَّيْبَانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ شَدَّادٍ، قَالَ سَمِعْتُ مَيْمُونَةَ، كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا أَرَادَ أَنْ يُبَاشِرَ امْرَأَةً مِنْ نِسَائِهِ أَمَرَهَا فَاتَّزَرَتْ وَهْىَ حَائِضٌ‏.‏ وَرَوَاهُ سُفْيَانُ عَنِ الشَّيْبَانِيِّ‏.‏
Narrated Maimuna:When ever Allah's Messenger (ﷺ) wanted to fondle any of his wives during the periods (menses), he used to ask her to wear an Izar

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Menstrual Periods

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।