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सहीह बुख़ारी

नंबर 3324

नंबर 3324किताब 59, नंबर 130
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ حَدَّثَهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَمْسَكَ كَلْبًا يَنْقُصْ مِنْ عَمَلِهِ كُلَّ يَوْمٍ قِيرَاطٌ، إِلاَّ كَلْبَ حَرْثٍ أَوْ كَلْبَ مَاشِيَةٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "If somebody keeps a dog, he loses one Qirat (of the reward) of his good deeds everyday, except if he keeps it for the purpose of agriculture or for the protection of livestock

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।