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सहीह बुख़ारी

नंबर 3291

नंबर 3291किताब 59, नंबर 100
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مَسْرُوقٍ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ ـ رضى الله عنها ـ سَأَلْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْتِفَاتِ الرَّجُلِ فِي الصَّلاَةِ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ هُوَ اخْتِلاَسٌ يَخْتَلِسُ الشَّيْطَانُ مِنْ صَلاَةِ أَحَدِكُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:I asked the Prophet (ﷺ) about one's looking here and there during the prayer. He replied, "It is what Satan steals from the prayer of any one of you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।