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सहीह बुख़ारी

नंबर 3279

नंबर 3279किताब 59, नंबर 88
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُشِيرُ إِلَى الْمَشْرِقِ فَقَالَ ‏ "‏ هَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَا هُنَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَا هُنَا مِنْ حَيْثُ يَطْلُعُ قَرْنُ الشَّيْطَانِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Umar:I saw Allah's Messenger (ﷺ) pointing towards the east saying, "Lo! Afflictions will verily emerge hence; afflictions will verily emerge hence where the (side of the head of) Satan appears

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।