सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3270

नंबर 3270किताब 59, नंबर 80
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ ذُكِرَ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم رَجُلٌ نَامَ لَيْلَهُ حَتَّى أَصْبَحَ، قَالَ ‏ "‏ ذَاكَ رَجُلٌ بَالَ الشَّيْطَانُ فِي أُذُنَيْهِ ـ أَوْ قَالَ ـ فِي أُذُنِهِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah:It was mentioned before the Prophet (ﷺ) that there was a man who slept the night till morning (after sunrise). The Prophet (ﷺ) said, "He is a man in whose ears (or ear) Satan had urinated

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।