حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ الْبَرَاءَ بْنَ عَازِبٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِثَوْبٍ مِنْ حَرِيرٍ، فَجَعَلُوا يَعْجَبُونَ مِنْ حُسْنِهِ وَلِينِهِ، فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " لَمَنَادِيلُ سَعْدِ بْنِ مُعَاذٍ فِي الْجَنَّةِ أَفْضَلُ مِنْ هَذَا ".
Narrated Al-Bara bin Azib:Allah's Messenger (ﷺ) was given a silken garment, and its beauty and delicacy astonished the people. On that, Allah's Messenger (ﷺ) said, "No doubt, the handkerchiefs of Sa`d bin Mu`adh in Paradise are better than this
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।