सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3228

नंबर 3228किताब 59, नंबर 39
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ سُمَىٍّ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَالَ الإِمَامُ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ‏.‏ فَقُولُوا اللَّهُمَّ رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ، فَإِنَّهُ مَنْ وَافَقَ قَوْلُهُ قَوْلَ الْمَلاَئِكَةِ، غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "When the Imam, during the prayer, says, "Allah hears him who praises Him', say: 'O Allah! Our Lord! All the praises are for You/, for if the saying of anyone of you coincides with the saying of the angels, his past sins will be forgiven

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।