وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، سَمِعْتُ حُمَيْدَ بْنَ هِلاَلٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى غُبَارٍ سَاطِعٍ فِي سِكَّةِ بَنِي غَنْمٍ. زَادَ مُوسَى مَوْكِبَ جِبْرِيلَ.
Narrated Jarir:as below. Narrated Humaid bin Hilal: Anas bin Malik said, "As if I see a cloud of dust swirling up in the lane of Bani Ghanim." Musa added, "That was caused by the procession of Gabriel
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।