सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3202

नंबर 3202किताब 59, नंबर 13
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي أُوَيْسٍ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ آيَتَانِ مِنْ آيَاتِ اللَّهِ، لاَ يَخْسِفَانِ لِمَوْتِ أَحَدٍ وَلاَ لِحَيَاتِهِ، فَإِذَا رَأَيْتُمْ ذَلِكَ فَاذْكُرُوا اللَّهَ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "The sun and the moon are two signs amongst the Signs of Allah. They do not eclipse because of someone's death or life. So, if you see them (i.e. eclipse), celebrate the Praises of Allah (i.e. pray)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 59 · Beginning of Creation

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।