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सहीह बुख़ारी

नंबर 3186

नंबर 3186किताब 58, नंबर 28
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سُلَيْمَانَ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ‏.‏وَعَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لِكُلِّ غَادِرٍ لِوَاءٌ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ـ قَالَ أَحَدُهُمَا يُنْصَبُ وَقَالَ الآخَرُ ـ يُرَى يَوْمَ الْقِيَامَةِ يُعْرَفُ بِهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) said, ''Every betrayer will have a flag on the Day of Resurrection" One of the two subnarrators said that the flag would be fixed, and the other said that it would be shown on the Day of Resurrection, so that the betrayer might be recognized by it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 58 · Jizyah and Mawaada'ah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।