सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3135

नंबर 3135किताब 57, नंबर 43
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُنَفِّلُ بَعْضَ مَنْ يَبْعَثُ مِنَ السَّرَايَا لأَنْفُسِهِمْ خَاصَّةً سِوَى قِسْمِ عَامَّةِ الْجَيْشِ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:Allah's Messenger (ﷺ) used to give extra share to some of the members of the Sariya he used to send, in addition to the shares they shared with the army in general

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 57 · One-fifth of Booty to the Cause of Allah (Khumus)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।