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सहीह बुख़ारी

नंबर 3118

नंबर 3118किताब 57, नंबर 27
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي أَيُّوبَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو الأَسْوَدِ، عَنِ ابْنِ أَبِي عَيَّاشٍ ـ وَاسْمُهُ نُعْمَانُ ـ عَنْ خَوْلَةَ الأَنْصَارِيَّةِ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ رِجَالاً يَتَخَوَّضُونَ فِي مَالِ اللَّهِ بِغَيْرِ حَقٍّ، فَلَهُمُ النَّارُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏‏.‏
ख़ौला अंसारिया रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है : "कुछ लोग अल्लाह के धन को नाहक़ ख़र्च करते हैं। उन्हीं लोगों के लिए क़यामत के दिन जहन्नम है।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 57 · One-fifth of Booty to the Cause of Allah (Khumus)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।