सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3116

नंबर 3116किताब 57, नंबर 25
حَدَّثَنَا حِبَّانُ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ سَمِعَ مُعَاوِيَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ يُرِدِ اللَّهُ بِهِ خَيْرًا يُفَقِّهْهُ فِي الدِّينِ، وَاللَّهُ الْمُعْطِي وَأَنَا الْقَاسِمُ، وَلاَ تَزَالُ هَذِهِ الأُمَّةُ ظَاهِرِينَ عَلَى مَنْ خَالَفَهُمْ حَتَّى يَأْتِيَ أَمْرُ اللَّهِ وَهُمْ ظَاهِرُونَ ‏"‏‏.‏
Narrated Muawiya:Allah's Messenger (ﷺ) said, "If Allah wants to do good for somebody, he makes him comprehend the Religion (i.e. Islam), and Allah is the Giver and I am Al-Qasim (i.e. the distributor), and this (Muslim) nation will remain victorious over their opponents, till Allah's Order comes and they will still be victorious

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 57 · One-fifth of Booty to the Cause of Allah (Khumus)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।