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सहीह बुख़ारी

नंबर 3019

नंबर 3019किताब 56, नंबर 228
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، وَأَبِي، سَلَمَةَ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ قَرَصَتْ نَمْلَةٌ نَبِيًّا مِنَ الأَنْبِيَاءِ، فَأَمَرَ بِقَرْيَةِ النَّمْلِ فَأُحْرِقَتْ، فَأَوْحَى اللَّهُ إِلَيْهِ أَنْ قَرَصَتْكَ نَمْلَةٌ أَحْرَقْتَ أُمَّةً مِنَ الأُمَمِ تُسَبِّحُ اللَّهِ.‏"‏‏‏
Narrated Abu Hurairah (ra):I heard Allah's Messenger (ﷺ) saying, "An ant bit a Prophet amongst the Prophets, and he ordered that the place of the ants be burnt. So, Allah inspired to him, 'It is because one ant bit you that you burnt a nation amongst the nations that glorify Allah?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।