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सहीह बुख़ारी

नंबर 2985

नंबर 2985किताब 56, नंबर 194
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ، حَدَّثَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ أَمَرَنِي النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ أُرْدِفَ عَائِشَةَ وَأُعْمِرَهَا مِنَ التَّنْعِيمِ‏.‏
Narrated `Abdur-Rahman bin Abi Bakr As-Siddiq:The Prophet (ﷺ) ordered me to let `Aisha sit behind me (on the animal) and to let her perform `Umra from at-Tan`im

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।