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सहीह बुख़ारी

नंबर 2936

नंबर 2936किताब 56, नंबर 149
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَخِي ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَمِّهِ، قَالَ أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَتَبَ إِلَى قَيْصَرَ، وَقَالَ ‏ "‏ فَإِنْ تَوَلَّيْتَ فَإِنَّ عَلَيْكَ إِثْمَ الأَرِيسِيِّينَ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Abbas:Allah's Messenger (ﷺ) wrote a letter to Caesar saying, "If you reject Islam, you will be responsible for the sins of the tillers (i.e. your people)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।