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सहीह बुख़ारी

नंबर 2923

नंबर 2923किताब 56, नंबर 136
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ عَمْرِو بْنِ أُمَيَّةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَأْكُلُ مِنْ كَتِفٍ يَحْتَزُّ مِنْهَا، ثُمَّ دُعِيَ إِلَى الصَّلاَةِ فَصَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ‏.‏ حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ عَنِ الزُّهْرِيِّ وَزَادَ فَأَلْقَى السِّكِّينَ‏.‏
Narrated Umaiya Ad-Damri:I saw the Prophet (ﷺ) eating of a shoulder (of a sheep) by cutting from it and then he was called to prayer and he prayed without repeating his ablution. Narrated Az-Zuhri: as above (Hadith No. 173...) and added that the Prophet (ﷺ) put the knife down

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।