حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سِنَانٍ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ عَبْدَ، الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ وَالزُّبَيْرَ شَكَوَا إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ـ يَعْنِي الْقَمْلَ ـ فَأَرْخَصَ لَهُمَا فِي الْحَرِيرِ، فَرَأَيْتُهُ عَلَيْهِمَا فِي غَزَاةٍ.
Narrated Anas:As above. Narrated Anas: `Abdur Rahman bin `Auf and Az-Zubair complained to the Prophet, i.e. about the lice (that caused itching) so he allowed them to wear silken clothes. I saw them wearing such clothes in a holy battle
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।