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सहीह बुख़ारी

नंबर 2876

नंबर 2876किताब 56, नंबर 92
حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مُعَاوِيَةَ، بِهَذَا‏.‏ وَعَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ، عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم سَأَلَهُ نِسَاؤُهُ عَنِ الْجِهَادِ فَقَالَ ‏ "‏ نِعْمَ الْجِهَادُ الْحَجُّ ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:the mother of the faithful believers: The Prophet (ﷺ) was asked by his wives about Jihad and he replied, "The best Jihad (for you) is (the performance of) Hajj

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।