सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 2824

नंबर 2824किताब 56, नंबर 40
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يُوسُفَ، عَنِ السَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ، قَالَ صَحِبْتُ طَلْحَةَ بْنَ عُبَيْدِ اللَّهِ وَسَعْدًا وَالْمِقْدَادَ بْنَ الأَسْوَدِ وَعَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَوْفٍ ـ رضى الله عنهم ـ فَمَا سَمِعْتُ أَحَدًا، مِنْهُمْ يُحَدِّثُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم، إِلاَّ أَنِّي سَمِعْتُ طَلْحَةَ يُحَدِّثُ عَنْ يَوْمِ أُحُدٍ‏.‏
Narrated As-Sa'-ib bin Yazid:I was in the company of Talha bin 'Ubaidullah, Sa`d, Al-Miqdad bin Al-Aswad and `Abdur Rahman bin `Auf and I heard none of them narrating anything from Allah's Messenger (ﷺ) but Talha was talking about the day (of the battle) of Uhud

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।