حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، حَدَّثَنَا حَبِيبُ بْنُ أَبِي عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّهَا قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ تُرَى الْجِهَادَ أَفْضَلَ الْعَمَلِ، أَفَلاَ نُجَاهِدُ قَالَ " لَكِنَّ أَفْضَلَ الْجِهَادِ حَجٌّ مَبْرُورٌ ".
Narrated `Aisha:(That she said), "O Allah's Messenger (ﷺ)! We consider Jihad as the best deed. Should we not fight in Allah's Cause?" He said, "The best Jihad (for women) is Hajj-Mabrur (i.e. Hajj which is done according to the Prophet's tradition and is accepted by Allah)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।