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सहीह बुख़ारी

नंबर 2702

नंबर 2702किताब 53, नंबर 12
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا بِشْرٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ أَبِي حَثْمَةَ، قَالَ انْطَلَقَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَهْلٍ وَمُحَيِّصَةُ بْنُ مَسْعُودِ بْنِ زَيْدٍ إِلَى خَيْبَرَ، وَهْىَ يَوْمَئِذٍ صُلْحٌ‏.‏
Narrated Sahl bin Abu Hathma:`Abdullah bin Sahl and Muhaiyisa bin Mas`ud bin Zaid went to Khaibar when it had a peace treaty (with the Muslims)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · Peacemaking

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।