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सहीह बुख़ारी

नंबर 2617

नंबर 2617किताब 51, नंबर 49
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ يَهُودِيَّةً، أَتَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بِشَاةٍ مَسْمُومَةٍ، فَأَكَلَ مِنْهَا فَجِيءَ بِهَا فَقِيلَ أَلاَ نَقْتُلُهَا‏.‏ قَالَ ‏ "‏ لاَ ‏"‏‏.‏ فَمَا زِلْتُ أَعْرِفُهَا فِي لَهَوَاتِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Anas bin Malik:A Jewess brought a poisoned (cooked) sheep for the Prophet (ﷺ) who ate from it. She was brought to the Prophet and he was asked, "Shall we kill her?" He said, "No." I continued to see the effect of the poison on the palate of the mouth of Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।