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सहीह बुख़ारी

नंबर 291

नंबर 291किताब 5, नंबर 43
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ فَضَالَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَبِي رَافِعٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا جَلَسَ بَيْنَ شُعَبِهَا الأَرْبَعِ ثُمَّ جَهَدَهَا، فَقَدْ وَجَبَ الْغَسْلُ ‏"‏‏.‏ تَابَعَهُ عَمْرُو بْنُ مَرْزُوقٍ عَنْ شُعْبَةَ مِثْلَهُ‏.‏ وَقَالَ مُوسَى حَدَّثَنَا أَبَانُ قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ مِثْلَهُ‏.‏
Narrated Hisham:as the following Hadith 290. Narrated Abu Huraira: The Prophet (ﷺ) said, "When a man sits in between the four parts of a woman and did the sexual intercourse with her, bath becomes compulsory

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Bathing (Ghusl)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।