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सहीह बुख़ारी

नंबर 2519

नंबर 2519किताब 49, नंबर 3
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ مَسْعُودٍ، حَدَّثَنَا زَائِدَةُ بْنُ قُدَامَةَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ الْمُنْذِرِ، عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَتْ أَمَرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِالْعَتَاقَةِ فِي كُسُوفِ الشَّمْسِ‏.‏ تَابَعَهُ عَلِيٌّ عَنِ الدَّرَاوَرْدِيِّ عَنْ هِشَامٍ‏.‏
Narrated Asma' bint Abu Bakr:The Prophet (ﷺ) ordered us to free slaves at the time of solar eclipses

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Manumission of Slaves

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।