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सहीह बुख़ारी

नंबर 2514

नंबर 2514किताब 48, नंबर 7
حَدَّثَنَا خَلاَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا نَافِعُ بْنُ عُمَرَ، عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ، قَالَ كَتَبْتُ إِلَى ابْنِ عَبَّاسٍ فَكَتَبَ إِلَىَّ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَضَى أَنَّ الْيَمِينَ عَلَى الْمُدَّعَى عَلَيْهِ‏.‏
Narrated Ibn Abu Mulaika:I wrote a letter to Ibn `Abbas and he wrote to me that the Prophet (ﷺ) had given the verdict that the defendant had to take an oath

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Mortgaging

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।