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सहीह बुख़ारी

नंबर 2489

नंबर 2489किताब 47, नंबर 7
حَدَّثَنَا خَلاَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا جَبَلَةُ بْنُ سُحَيْمٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ يَقُولُ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَقْرُنَ الرَّجُلُ بَيْنَ التَّمْرَتَيْنِ جَمِيعًا، حَتَّى يَسْتَأْذِنَ أَصْحَابَهُ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:The Prophet (ﷺ) decreed that one should not eat two dates together at a time unless he gets the permission from his companions (sharing the meal with him)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Partnership

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।