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सहीह बुख़ारी

नंबर 2463

नंबर 2463किताब 46, नंबर 24
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، رضى الله عنه أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَمْنَعُ جَارٌ جَارَهُ أَنْ يَغْرِزَ خَشَبَهُ فِي جِدَارِهِ ‏"‏‏.‏ ثُمَّ يَقُولُ أَبُو هُرَيْرَةَ مَا لِي أَرَاكُمْ عَنْهَا مُعْرِضِينَ وَاللَّهِ لأَرْمِيَنَّ بِهَا بَيْنَ أَكْتَافِكُمْ‏.‏
Narrated Al-Araj:Abu Huraira said, "Allah's Messenger (ﷺ) said, 'No one should prevent his neighbor from fixing a wooden peg in his wall." Abu Huraira said (to his companions), "Why do I find you averse to it? By Allah, I certainly will narrate it to you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · Oppressions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।