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सहीह बुख़ारी

नंबर 2454

नंबर 2454किताब 46, नंबर 15
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ أَخَذَ مِنَ الأَرْضِ شَيْئًا بِغَيْرِ حَقِّهِ خُسِفَ بِهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِلَى سَبْعِ أَرَضِينَ ‏"‏‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ هَذَا الْحَدِيثُ لَيْسَ بِخُرَاسَانَ فِي كِتَابِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، أَمْلاَهُ عَلَيْهِمْ بِالْبَصْرَةِ‏.‏
Narrated Salim's father (i.e. `Abdullah):The Prophet (ﷺ) said, "Whoever takes a piece of the land of others unjustly, he will sink down the seven earths on the Day of Resurrection

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · Oppressions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।