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सहीह बुख़ारी

नंबर 2452

नंबर 2452किताब 46, नंबर 13
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي طَلْحَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ عَمْرِو بْنِ سَهْلٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ زَيْدٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ ظَلَمَ مِنَ الأَرْضِ شَيْئًا طُوِّقَهُ مِنْ سَبْعِ أَرَضِينَ ‏"‏‏.‏
Narrated Sa`id bin Zaid:Allah's Messenger (ﷺ) said, "Whoever usurps the land of somebody unjustly, his neck will be encircled with it down the seven earths (on the Day of Resurrection)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · Oppressions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।