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सहीह बुख़ारी

नंबर 2414

नंबर 2414किताब 44, नंबर 5
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ دِينَارٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ كَانَ رَجُلٌ يُخْدَعُ فِي الْبَيْعِ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا بَايَعْتَ فَقُلْ لاَ خِلاَبَةَ ‏"‏‏.‏ فَكَانَ يَقُولُهُ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:A man was often cheated in buying. The Prophet (ﷺ) said to him, "When you buy something, say (to the seller), No cheating." The man used to say so thenceforward

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · Khusoomaat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।