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सहीह बुख़ारी

नंबर 2386

नंबर 2386किताब 43, नंबर 2
حَدَّثَنَا مُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، قَالَ تَذَاكَرْنَا عِنْدَ إِبْرَاهِيمَ الرَّهْنَ فِي السَّلَمِ فَقَالَ حَدَّثَنِي الأَسْوَدُ عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اشْتَرَى طَعَامًا مِنْ يَهُودِيٍّ إِلَى أَجَلٍ، وَرَهَنَهُ دِرْعًا مِنْ حَدِيدٍ‏.‏
Narrated Al-A`mash:When we were with Ibrahim, we talked about mortgaging in deals of Salam. Ibrahim narrated from Aswad that `Aisha had said, "The Prophet (ﷺ) bought some foodstuff on credit from a Jew and mortgaged an iron armor to him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Loans, Payment of Loans, Freezing of Property, Bankruptcy

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।