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सहीह बुख़ारी

नंबर 2355

नंबर 2355किताब 42, नंबर 5
حَدَّثَنَا مَحْمُودٌ، أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي حَصِينٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْمَعْدِنُ جُبَارٌ، وَالْبِئْرُ جُبَارٌ، وَالْعَجْمَاءُ جُبَارٌ، وَفِي الرِّكَازِ الْخُمُسُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "No bloodmoney will be charged if somebody dies in a mine or in a well or is killed by an animal; and if somebody finds a treasure in his land he has to give one-fifth of it to the Government

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Distribution of Water

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।