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सहीह बुख़ारी

नंबर 2342

नंबर 2342किताब 41, नंबर 22
حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، قَالَ ذَكَرْتُهُ لِطَاوُسٍ فَقَالَ يُزْرِعُ، قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ إِنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم لَمْ يَنْهَ عَنْهُ وَلَكِنْ قَالَ ‏ "‏ أَنْ يَمْنَحَ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَأْخُذَ شَيْئًا مَعْلُومًا ‏"‏‏.‏
Narrated `Amr:When I mentioned it (i.e. the narration of Rafi` 'bin Khadij: no. 532) to Tawus, he said, "It is permissible to rent the land for cultivation, for Ibn `Abbas said, 'The Prophet (ﷺ) did not forbid that, but said: One had better give the land to one's brother gratis rather than charge a certain amount for it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Agriculture

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।