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सहीह बुख़ारी

नंबर 238

नंबर 238किताब 4, नंबर 104
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، قَالَ أَخْبَرَنَا أَبُو الزِّنَادِ، أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ هُرْمُزَ الأَعْرَجَ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ نَحْنُ الآخِرُونَ السَّابِقُونَ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "We (Muslims) are the last (people to come in the world) but (will be) the foremost (on the Day of Resurrection)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।