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सहीह बुख़ारी

नंबर 219

नंबर 219किताब 4, नंबर 85
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَأَى أَعْرَابِيًّا يَبُولُ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ ‏ "‏ دَعُوهُ ‏"‏‏.‏ حَتَّى إِذَا فَرَغَ دَعَا بِمَاءٍ فَصَبَّهُ عَلَيْهِ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:The Prophet (ﷺ) saw a Bedouin making water in the mosque and told the people not to disturb him. When he finished, the Prophet (ﷺ) asked for some water and poured it over (the urine)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।