حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ جَبْرٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَغْسِلُ ـ أَوْ كَانَ يَغْتَسِلُ ـ بِالصَّاعِ إِلَى خَمْسَةِ أَمْدَادٍ، وَيَتَوَضَّأُ بِالْمُدِّ.
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) used to take a bath with one Sa` up to five Mudds (1 Sa` = [??] Mudds) of water and used to perform ablution with one Mudd of water
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।