सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 194

नंबर 194किताब 4, नंबर 60
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرًا، يَقُولُ جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَعُودُنِي، وَأَنَا مَرِيضٌ لاَ أَعْقِلُ، فَتَوَضَّأَ وَصَبَّ عَلَىَّ مِنْ وَضُوئِهِ، فَعَقَلْتُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ لِمَنِ الْمِيرَاثُ إِنَّمَا يَرِثُنِي كَلاَلَةٌ‏.‏ فَنَزَلَتْ آيَةُ الْفَرَائِضِ‏.‏
Narrated Jabir:Allah's Messenger (ﷺ) came to visit me while I was sick and unconscious. He performed ablution and sprinkled the remaining water on me and I became conscious and said, "O Allah's Messenger (ﷺ)! To whom will my inheritance go as I have neither ascendants nor descendants?" Then the Divine verses regarding Fara'id (inheritance) were revealed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।