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सहीह बुख़ारी

नंबर 165

नंबर 165किताब 4, नंबर 31
حَدَّثَنَا آدَمُ بْنُ أَبِي إِيَاسٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ وَكَانَ يَمُرُّ بِنَا وَالنَّاسُ يَتَوَضَّئُونَ مِنَ الْمِطْهَرَةِ ـ قَالَ أَسْبِغُوا الْوُضُوءَ فَإِنَّ أَبَا الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ وَيْلٌ لِلأَعْقَابِ مِنَ النَّارِ ‏"‏‏.‏
Narrated Muhammad Ibn Ziyad:I heard Abu Huraira saying as he passed by us while the people were performing ablution from a utensil containing water, "Perform ablution perfectly and thoroughly for Abul-Qasim (the Prophet) said, 'Save your heels from the Hell-fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।