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सहीह बुख़ारी

नंबर 2251

नंबर 2251किताब 35, नंबर 12
حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، حَدَّثَنَا يَعْلَى، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتِ اشْتَرَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم طَعَامًا مِنْ يَهُودِيٍّ بِنَسِيئَةٍ، وَرَهَنَهُ دِرْعًا لَهُ مِنْ حَدِيدٍ‏.‏
Narrated `Aisha:Allah's Messenger (ﷺ) bought some foodstuff (barley) from a Jew on credit and mortgaged his iron armor to him (the armor stands for a guarantor)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Sales in which a Price is paid for Goods to be Delivered Later (As-Salam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।