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सहीह बुख़ारी

नंबर 2241

नंबर 2241किताब 35, नंबर 5
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي الْمِنْهَالِ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ يَقُولُ قَدِمَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم وَقَالَ ‏ "‏ فِي كَيْلٍ مَعْلُومٍ وَوَزْنٍ مَعْلُومٍ إِلَى أَجَلٍ مَعْلُومٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) came (to Medina) and he told the people (regarding the payment of money in advance that they should pay it) for a known specified measure and a known specified weight and a known specified period

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Sales in which a Price is paid for Goods to be Delivered Later (As-Salam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।