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सहीह बुख़ारी

नंबर 2226

नंबर 2226किताब 34, नंबर 173
حَدَّثَنَا مُسْلِمٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي الضُّحَى، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ لَمَّا نَزَلَتْ آيَاتُ سُورَةِ الْبَقَرَةِ عَنْ آخِرِهَا خَرَجَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ حُرِّمَتِ التِّجَارَةُ فِي الْخَمْرِ ‏"‏‏.‏
Narrated `Aisha:When the last verses of Surat-al-Baqara were revealed, the Prophet (ﷺ) went out (of his house to the Mosque) and said, "The trade of alcohol has become illegal

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।