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सहीह बुख़ारी

नंबर 2219

नंबर 2219किताब 34, नंबर 166
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سَعْدٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ ـ رضى الله عنه ـ لِصُهَيْبٍ اتَّقِ اللَّهَ وَلاَ تَدَّعِ إِلَى غَيْرِ أَبِيكَ‏.‏ فَقَالَ صُهَيْبٌ مَا يَسُرُّنِي أَنَّ لِي كَذَا وَكَذَا، وَأَنِّي قُلْتُ ذَلِكَ، وَلَكِنِّي سُرِقْتُ وَأَنَا صَبِيٌّ‏.‏
Narrated Sa`d that his father said:`Abdur-Rahman bin `Auf said to Suhaib, 'Fear Allah and do not ascribe yourself to somebody other than your father.' Suhaib replied, 'I would not like to say it even if I were given large amounts of money, but I say I was kidnapped in my childhood

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।