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सहीह बुख़ारी

नंबर 2214

नंबर 2214किताब 34, नंबर 160
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَحْبُوبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ قَضَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِالشُّفْعَةِ فِي كُلِّ مَالٍ لَمْ يُقْسَمْ، فَإِذَا وَقَعَتِ الْحُدُودُ وَصُرِّفَتِ الطُّرُقُ فَلاَ شُفْعَةَ‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:Allah's Messenger (ﷺ) decided the validity of preemption in every joint undivided property, but if the boundaries were well marked or the ways and streets were fixed, then there was no pre-emption

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।