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सहीह बुख़ारी

नंबर 2192

नंबर 2192किताब 34, नंबर 139
حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ ـ رضى الله عنهم ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَخَّصَ فِي الْعَرَايَا أَنْ تُبَاعَ بِخَرْصِهَا كَيْلاً‏.‏ قَالَ مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ وَالْعَرَايَا نَخَلاَتٌ مَعْلُومَاتٌ تَأْتِيهَا فَتَشْتَرِيهَا‏.‏
Narrated Ibn `Umar from Zaid bin Thabit:Allah's Messenger (ﷺ) allowed the sale of 'Araya by estimating the dates on them for measured amounts of dried dates. Musa bin `Uqba said, "Al- 'Araya were distinguished date palms; one could come and buy them (i.e. their fruits)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।