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सहीह बुख़ारी

नंबर 2164

नंबर 2164किताब 34, नंबर 115
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، قَالَ حَدَّثَنِي التَّيْمِيُّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ مَنِ اشْتَرَى مُحَفَّلَةً فَلْيَرُدَّ مَعَهَا صَاعًا‏.‏ قَالَ وَنَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنْ تَلَقِّي الْبُيُوعِ‏.‏
Narrated `Abdullah:Whoever buys an animal which has been kept unmilked for a long time, could return it, but has to pay a Sa of dates along with it. And the Prophet (ﷺ) forbade meeting the owners of goods on the way away from the market

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।