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सहीह बुख़ारी

नंबर 2151

नंबर 2151किताब 34, नंबर 103
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنَا الْمَكِّيُّ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي زِيَادٌ، أَنَّ ثَابِتًا، مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنِ اشْتَرَى غَنَمًا مُصَرَّاةً فَاحْتَلَبَهَا، فَإِنْ رَضِيَهَا أَمْسَكَهَا، وَإِنْ سَخِطَهَا فَفِي حَلْبَتِهَا صَاعٌ مِنْ تَمْرٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "Whoever buys a sheep which has been kept unmilked for a long period, and milks it, can keep it if he is satisfied, and if he is not satisfied, he can return it, but he should pay one Sa of dates for the milk

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।